Livestock Insurance Scheme Hindi

Livestock Insurance Scheme Hindi

नमस्कार दोस्तो,

Livestock Insurance Scheme
Livestock Insurance Scheme Hindi

आपका goatfarming वेबसाइट में स्वागत है । दोस्तो आजका अपना विषय है Livestock Insurance Scheme Hindi यानी पशुधन विमा योजना जो भारत सरकार द्वारा चलाई जाती है । लेकिन Livestock Insurance Scheme के बारे में हमारे पशुपालको कों काफी कम जानकारी होने के कारण, पशुपालक इस Insurance Scheme का लाभ नही लेते । दोस्तो जिस तरह हम हमारा खुदका, हमारे गाड़ी का Insurance करते है ताकि किसी अनहोनी के चलते हमे Insurance कंपनी की और से कुछ वित्तीय सहायता मिले ठीक उसी तरह Livestock Insurance यानी पशुधन विमा होता है । जिसकी मदत से पशुओ की मृत्यु पर कुछ चुनिंदा स्थितियो में बैंकों द्वारा आर्थिक मदत पशुपालक को मिलती है।
भारत सरकार ने 2005 से Livestock Insurance Scheme की शुरुवात कि थी । पहले ये Scheme भारत के कुछ चुनिंदा राज्यो में शुरू की थी लेकिन 21 मई 2014 से भारत सरकार द्वारा ये Scheme पूरे भारत में चलाई गयी। आज पूरे भारत मे Livestock Insurance Scheme लागू है, लेकिन बहोत हि कम पशुपालक इस scheme का फायदा उठाते है कारण है कि पशुपालको में इस Scheme के प्रति अपुरी जानकारी ।
आज इस पोस्ट में मैं आपको Livestock Insurance Scheme के बारे में कुछ जानकारी देने का प्रासाय कर रहा हूँ जो कि हिंदी में है।

Type of Animal Covered In This Insurance Scheme

भारत सरकार द्वारा चलाई जानेवाली इस Insurance Scheme में निम्नलिखित जानवर शामिल किए गये है ।

 दुधारू जानवर

भार ढोने वाले जानवर जैसे घोड़ा, गधा, खेचर, ऊंट, बैल, भैसा इत्यादि।

भेड, बकरी, सुअर, खरगोश, याक इन छोटे जानवरो को भी शामिल किया गया है ।


इस Insurance के तहत सरकार द्वारा की जानेवाली मदत

Livestock Insurance Scheme के अंतर्गत पशुपालक को कम से कम पांच पशुको ही इस insurance का फायदा मिल सकेगा । सिर्फ पांच पशुको ही सरकार द्वारा सब्सिडी दी जायेगी। पाँच से ज्यादा जानवरो को सब्सिडी का फायदा नही मिलेगा।
(भेड, बकरी, सुअर और खरगोश जैसे छोटे जानवरो को ये नियम लागू नही होगा) भेड, बकरी, सुअर और खरगोश जैसे छोटे जानवरो के लिए Insurance की संख्या 50 रखी गई है । यानी 50 छोटे जानवरो को सरकार द्वारा सब्सिडी मिल सकती है । किसी पशुपालक के पास 5 पशुओ से कम पशु है तो वह पशुपालक भी इस Insurance Scheme का लाभ उठा सकता है ।
कम से कम तीन वर्षों तक कोई भी पशुपालन इस insurance scheme के सब्सिडी का लाभ उठा सकेगा ।

Livestock Insurance Scheme Premium and Share

इस Insurance Scheme में पशुओ का विमा करने के लिए पशुपालक के क्षेत्र नुसार दरे लागू होगी।

सामान्य क्षेत्र के निवासित पशुपालकको के लिए कुल बीमित राशि के 03% रहेगी।

उत्तरी पूर्वी/ पाहाडी क्षेत्र के निवासित पशुपालकको के लिए कुल बीमित राशि के 05% रहेगी।

जटिल क्षेत्र के निवासित पशुपालकको के लिए कुल बीमित राशि के 04% रहेगी।

पशुओ का 3 साल तक Insurance करने पर प्रीमियम की राशी का विवरण



सामान्य क्षेत्र के निवासित पशुपालकको के लिए।

Average Poverty Line से सबंधित पशुपालको के लिए Insurance के प्रीमियम का 25% केंद्र सरकार, 25% राज्य सरकार, 50% लाभार्थी द्वारा प्रीमियम भरना होगा।
यदि लाभार्थी अनु जाती/अनु जनजाति या गरीबी रेखा के नीचे होतो 40% केंद्र सरकार, 30% राज्य सरकार, 30% लाभार्थी द्वारा प्रीमियम भरना होगा।

उत्तरी पूर्वी/ पाहाडी क्षेत्र के निवासित पशुपालकको के लिए ।

Average Poverty Line से सबंधित पशुपालको के लिए Insurance के प्रीमियम का 35% केंद्र सरकार, 25% राज्य सरकार, 40% लाभार्थी द्वारा प्रीमियम भरना होगा।
यदि लाभार्थी अनु जाती/अनु जनजाति या गरीबी रेखा के नीचे होतो 50% केंद्र सरकार, 30% राज्य सरकार, 20% लाभार्थी द्वारा प्रीमियम भरना होगा।

जटिल क्षेत्र के निवासित पशुपालकको के लिए।

Average Poverty Line से सबंधित पशुपालको के लिए Insurance के प्रीमियम का 45% केंद्र सरकार, 25% राज्य सरकार, 30% लाभार्थी द्वारा प्रीमियम भरना होगा।
यदि लाभार्थी अनु जाती/अनु जनजाति या गरीबी रेखा के नीचे होतो 60% केंद्र सरकार, 30% राज्य सरकार, 10% लाभार्थी द्वारा प्रीमियम भरना होगा।

पशुओ को Insured कैसे करे

पशुओ की बाजार में वर्तमान कीमत के आधार पर पशुओ को बीमित यानी insured किया जाएगा । ये वर्तमान किमत Insurance करनेवाली कम्पनी, पशुपालक और पशुचिकिस्तक या BDO द्वारा किया जाएगा। इसलिए पशुपालक को नजदीकी पशु बीमा करने के लिए सरकार द्वारा नियोजित बैंक या Insurance कंपनी में भेट देनी होंगी।
जिस पशुका बीमा कराया गया है उसकी सही सही पहचान के लिए insurance company द्वारा उसके कान में टैग लागाये जाएंगे। इस टैग को पशुओ को लगाने का खर्चा insurance company द्वारा किया जाएगा और टैग की देखरेख करने की पूरी जिम्मेदारी पशुपालक की रहेगी।
Livestock Insurance Scheme में पशुओ के मृत्यु के बाद उसका बीमा क्लेम सेटल करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज की आवश्यकता होती है।

1) पशु की मृत्यु की सूचना
2) बीमा पॉलिसी पेपर
3) क्लेम फार्म और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
ये आवश्यक दस्तावेज सम्बंधित insurance कंपनी को देने के बाद लगभग 15 दिनके अंदर Insurance Company को आपको बीमित राशी देने के लिए बाध्य होती है । अगर बीमा कंपनी पशुपालक को निर्धारित 15 दिनके अंदर बीमित राशी देने में असमर्थ होती है तब Livestock Insurance Company पर 12% की दर से चक्र वाढ ब्याज प्रति वर्ष लगेगा जो पशुपालक को मिलेगा ।
Livestock Insurance Scheme Hindi Livestock Insurance Scheme Hindi Reviewed by Nitesh S Khandare on October 21, 2018 Rating: 5

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