Black Bengal Goat Information

Black Bengal Goat Information


ज्यादातर लोग बकरी पालन व्यवसाय के शुरुवात में ही असफल हो जाते है; जिसका कारण बकरियों के नस्ल की गलत चुनाव।  क्योकि बकरियों के नस्ल पर ही पूरा बकरी पालन व्यवसाय निर्भर करता है। 

आज मै आपको एक ऐसेही बकरी के नस्ल के बारे में बताने जा रहा हु, जिसकी मद्त से आप अपने बकरी पालन व्यवसाय को उचाई तक पहुंचा सकते है। 

पश्चिम बंगाल में पाएजाने वाली Black Bengal Goat (ब्लैक बंगाल बकरी ) के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। 


Black Bengal Goat बकरी को बंगाल का हिरा कहना गलत नहीं होगा। 

Black Bengal Goat पश्चिम बंगाल का एक कीमती हिरा कहलाता है। पश्चिम बंगाल में ज्यादातर (91.3%) किसान हैं। बकरी पालन कृषि के साथ-साथ ग्रामीण गरीबों के लिए एक सहायक आय स्रोत है। अधिकांश मामलों में बकरियों के झुंड का आकार 1 से 4 तक होता है।  जानवरों को ज्यादातर अपने आवास / घर के आस पास रखा जाता है। 

Black Bengal Goat बकरियों के आवास ज्यादातर कच्चा  प्रकार के होते है ; मिट्टी के फर्श और घास फुस की छत होती हैं। आमतौर पर सभी किसान अपनी बकरियों को चराने के लिए ले जाते है ,  तालाबों का पानी बकरियों के पीने के पानी का प्रमुख स्रोत है।

 Black Bengal (ब्लैक बंगाल) बकरियों में कई रोगों के लिए प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति होती है, लेकिन यह ठंड, जल भराव की स्थिति, दस्त, एक्टो और एन्ट्रो परजीवी संक्रमण और श्वसन रोगों के लिए संवेदनशील होती हैं। 

Black Bengal Goat General Characteristic 

  • ब्लैक बंगाल बकरे सामान्य रूप से काले होते हैं।
  •  हालांकि, यह दो रंगों काले और सफेद या भूरे रंग के मिश्रण में भी पाये जाते है। 
  • छोटे और मजबूत शरीर संरचना। इसके सींग और कान छोटे होते हैं और पैर छोटे होते हैं।


What Black Bengal Goats Eat

बकरी के बारे में गलत अफवाह में से एक है, वे कुछ भी खा सकते हैं। यह सच नहीं है। यह जानवर सब कुछ नहीं खाता है। फिर जब आप काले बंगाल के बकरों को पालना शुरू करते हैं, तो आप चाहते हैं कि वे स्वस्थ रहें। तेजी से बढ़ें, अधिक दूध और मांस का उत्पादन करें। बकरियों के लिए सबसे अच्छा भोजन ताजा घास और दानेदार फ़ीड है।:

Black Bengal Goats Milk Production 

सामान्य स्थिति में, एक मादा बकरी रोजाना 3 से 4 महीने तक 300-400 मिली दूध देती है। दूध उत्पादन को 1000ml तक बढ़ाया जा सकता है। यानी अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ और पोषक तत्व प्रदान करते हैं तो हम आसानी से १००० ml  तक दूध प्राप्त क्र सकते है। 

Black Bengal Goats Meat Production

ब्लैक बंगाल बकरियों को बेहतर मांस की गुणवत्ता और स्वाद के लिए जाना जाता है। औसत नर और मादा वजन क्रमशः 20-30 और 20-25 किग्रा। कुल वजन का लगभग 55-60 प्रतिशत मांस होता है। 


Benefits of Back Bengal Goat Rearing

काला बंगाल बकरी पालने के फायदे

ब्लैक बंगाल बकरी पालन के कई लाभ हैं। उनमें से मुख्य नीचे वर्णित हैं।
  • बकरी का आकार छोटा होने के कारण, इसकी भोजन की मांग अपेक्षाकृत कम है।
  • उन्हें अन्य पशुधन की तुलना में रहने के लिए कम जगह की आवश्यकता होती है।
  • इस नस्ल के साथ बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी और निवेश बहुत कम है और यह सामान्य लोगों की क्षमता के भीतर है।

  • रोग अन्य घरेलू पशुओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम हैं।
  • कम समय में कई बकरियों का उत्पादन।
  • मादा बकरी साल में दो बार गर्भवती होती है और हर बार 2-3 बच्चे को जन्म देती है।
  • इस बकरे के मांस, त्वचा और दूध की बांग्लादेश और विदेशों में भारी मांग है।
  • बकरी का दूध टीबी  और अस्थमा के मिरिजो के लिए फायदेमंद है। इस कारण से बांग्लादेशी लोगों की इसकी काफी मांग है।

Black Bengal Goat Information Black Bengal Goat Information Reviewed by Nitesh S Khandare on May 18, 2020 Rating: 5

1 comment:

  1. सर गावरानी बकरी नागपूर maharashter के बारे मे जानकारी दे

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